अम्बाला: अग्रवाल सभा, अंबाला छावनी के चुनावो पर लगी रोक। याचिकाकर्ता उमेश गुप्ता (पूर्व उपप्रधान) ने अपने अधिवक्ता रोहित कुमार जैन के माध्यम से राज्य रजिस्ट्रार द्वारा 14.10.2025 को पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके द्वारा ‘कोलेजियम’ (सदस्यता सूची) को मंजूरी दी गई थी।
1. सभा के चुनाव करवाने के लिए डिस्ट्रैक्ट रजिस्ट्रार द्वारा अंबाला के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) को सभा के कार्यों के प्रबंधन और चुनाव कराने के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया था।
जिसके बाद 01.12. 2025 को चुनावों की अधिसूचना जारी की गई और चुनाव 04.01.2026 को होने तय थे।
अपीलकर्ता ने अपने अधिवक्ता रोहित कुमार जैन के माध्यम से मतदाता सूची (कोलेजियम सूची) में गंभीर अनियमितताएं होने के आरोप लगाए और एक याचिका रजिस्ट्रार जनरल के पास दाखिल की।
अधिवक्ता ने मुख्य बिंदु उठाए जैसे लिस्ट ऑफ कॉलेजियम में अनेक मृत व्यक्तियों के नाम शामिल होना, एक ही व्यक्ति के नाम की डुप्लिकेट प्रविष्टियां, एक ही पते पर सदस्यों के बड़े समूह का रजिस्टर होना पाया गया।
आरोप लगाया गया एडहॉक कमेटी ने बिना कोरम के, बिना जनरल बॉडी से अप्रूव कराए ही जिला रजिस्ट्रार के पास लिस्ट ऑफ कॉलेजियम और बाय लॉस को भेज दिया । डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार और राज्य रजिस्ट्रार ने बिना किसी उचित सत्यापन या सदस्यों की आपत्तियां सुने ही सूची को मंजूरी दे दी।
याचिकाकर्ता ने बताया 10.02.2025 को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) आवश्यक कोरम न होने के कारण पूरी नहीं हो सकी। इसके बावजूद एडहॉक कमेटी ने कोई दोबारा आम बैठक (AGM) ना बुलाई और (ad-hoc) समिति के केवल 5 सदस्यों ने मिलकर उपनियमों और सूची को मंजूरी दे दी, जो कि गलत था।
अधिकारियों ने कानून की अनिवार्य आवश्यकताओं का पालन किए बिना और बिना किसी जांच के सूची को आगे बढ़ा दिया।
यह पुष्टि हुई कि सूची में मृत व्यक्तियों और गलत विवरणों वाली प्रविष्टियां शामिल है। संबंधित चुनाव का राकेश कंसल (पूर्व प्रधान) ग्रुप द्वारा लिस्ट ऑफ कॉलेजियम में कमियां पाए जाने पर चुनाव का बहिष्कार कर दिया गया था।
रजिस्ट्रार जनरल, फर्म्स एंड सोसाइटीज, हरियाणा, श्री यश गर्ग ने इस याचिका को सुनते हुए, आदेश पारित किया जिसमें राज्य रजिस्ट्रार द्वारा 14.10.2025 को पारित आदेश को निरस्त (Set Aside) किया जाता है।
प्रशासक (SDM अंबाला) को निर्देश दिया जाता है कि वे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उचित सत्यापन के बाद एक नई मतदाता सूची तैयार करें।
नई चुनाव प्रक्रिया और मतदान का कार्यक्रम तभी अधिसूचित किया जाएगा जब नई मतदाता सूची को विधिवत मंजूरी मिल जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया को इस आदेश के पारित होने के 6 महीने के भीतर पूरा किया जाना अनिवार्य है।





